}); EMBAR INDIA: पीएम मोदी के वाराणसी भाषण के अंश देखें | राहुल गाँधी, मनमोहन सिंह, पी.चिदम्बरम और पुरे कांग्रेस की बखिया उधेड़ दी | और नोट-बंदी का विश्लेषण |

Friday, December 23, 2016

पीएम मोदी के वाराणसी भाषण के अंश देखें | राहुल गाँधी, मनमोहन सिंह, पी.चिदम्बरम और पुरे कांग्रेस की बखिया उधेड़ दी | और नोट-बंदी का विश्लेषण |

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चाहे कुछ भी हो बन्दे में दम तो है , पीएम मोदी की हर अदा से यह बात साबित होती है |
चाहे उनके कार्य करने की शैली हो | कार्यशैली के उदाहरण : पुरे ढाई साल में कोई अवकाश नहीं , प्रतिदिन लगभग अट्ठारह से बीस घंटें का कार्यदिवस, विदेश यात्राओं में कम से कम समय और खर्च करना ( जैसे => तीन देशों की यात्रा चार दिनों में पूरी करके आना, यात्रा के दौरान आराम करना जैसे सभी कार्य अपने हवाई जहाज में ही करना) , शुरू की गयी योजना को नियमित तौर पर निरक्षण करना और कार्य को तय की गयी समय सीमा में या उससे पहले पूरा करवाना, पड़ोसी देशों से सम्बन्ध में भारत का पक्ष मज़बूत दिखना ( जैसे को तैसा ), पुरे विश्व से भारत के संबंधों में एक सकारात्मक परिवर्तन, और अब ये ताज़ा मामला भ्रष्टाचार के ऊपर किया गए पहले सबसे बड़े प्रहार के रूप में नोट-बंदी |
              सिर्फ अपनें विचारों से और तात्कालिकता के रूप कहूँ तो मैं  ये जरुर कहना चाहूँगा की नोट-बंदी कामयाब नहीं हुई है क्यूंकि अब तक ( 23 नवम्बर ) तक लगभग 14 लाख करोड़ से ज्यादा रकम बैंकों में जमा हो चुकी है रद्द किये गए मुद्रा में | रद्द की गयी लगभग साढ़े पंद्रह लाख करोड़ है अर्थव्यवस्था में | उम्मीद किया जा सकता है की 30 दिसम्बर बाकि बची रकम में भी बहुत बड़ी तायदाद में वापिस आ जाये | तो फिर क्या ब्लैक मनी जैसी कोई चीज़ नहीं थी भारत की अर्थव्यवस्था में ? क्या सभी राजनीतिक दल के चंदे एक दम स्वच्छ है टैक्स-पेड? क्या सभी ऑफिसर एक दम स्वच्छता से अपना कार्य करते रहे थे और घूसखोरी जैसी कोई व्यवस्था नहीं जड़ जमा चुकी थी और इस व्यवस्था से ऑफिसर्स और नेता तथा बड़े पूंजीपतियों ने कोई अवैध पैसा नहीं बनाया था ? तो ये फिर सारा पैसा आखीर गया कहाँ और आखिर सब के सब रद्द मुद्रा कैसे बैंक में वापिस आ रहें है?



            एक आकलन के मुताबिक कुल काला धन का केवल पांच से दस फीसद हिस्सा ही नकदी के रूप में लोगों के पास होता है या लोगों के पास था | बाकी नब्बे फीसद सम्पत्ति जैसे - रियल एस्टेट, कंपनी के शेयर , विदेशों में संपत्ति , गोल्ड के रूप में होता है | लोगों के पास जो भी नगदी के रूप में काला धन था वो सभी किसी न किसी जुगाड़ से सफ़ेद कर गए | भारत में बीते महीनें में 30% वाला धंधा बहुत ज़ोरों से फल-फूलने लगा था | बड़े बड़े अवैध पैसा बनाने वालों के लिए 30% का एक बार का नुकसान बड़ा सौदा नहीं लगा और उन्होंने इस रास्ते को अपनाया और इस रास्ते को सफल बनाने में वही बाबु-बनिया-नेता वाला गठजोड़ फिर कामयाब होता दिखा | यहाँ बाबु बन बैठे थे बैंक के छोटे से बड़े अधिकारी और कर्मचारी | बाकि बनिया और नेता तो पहले वाले ही हैं |
            फिर भी हर शहर में जाग्र्रोक्ता से की जा रही कार्यवाही से कुछ धनकुबेरों, अफसरों , नेताओं का भांडा तो फुटा ही है | और 30 दिसम्बर के बाद जब अफरा-तफरी के बाद थोड़ी शांति का माहौल होगा उसके बाद बड़े तौर पर जो डाटा इकठ्ठा हुआ है देश भर के काला धन रखने वालों का उसकी तसल्ली से छानबीन होगी ऐसी उम्मीद देश की जनता पीएम मोदी से रखती है |
           अब कितना पकड़ पाएंगे पीएम मोदी इस नोट-बंदी के कारण भ्रष्ट लोगों इसका तो सही से अंदाज़ा करना मुश्किल है पर काला धन रखने वालों के झुण्ड में खलबली जरुर मची है | इसी का परिणाम के तौर पर दो अलग अलग पार्टियों के अलग अलग बयान आये एक कांग्रेस का की कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के चुनाव में अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए फण्ड नहीं देगी | दूसरा  मायावती के पार्टी का बयान आया की उत्तर प्रदेश में हलिकोप्टर की सेवा का उपयोग नहीं किया जायेगा | अब ये लोग ऐसा क्यों कह रहे है | पिछले चुनावों तक तो ऐसा नहीं था | इससे तो पता चलता है की चाहे इन्होने अपने पैसे कमिसन में बदलवा भी लिए हों पर पैसों की तंगी तो जरुर होगी क्यूंकि नया फण्ड तुरंत तो इकठ्ठा होगा नहीं और पुराने वाले में बहुत भरी कमी आ गयी है |            इसी के मद्देनज़र एक और फायदा देश को नज़र आ रहा है की लोगों के बीच कैशलेस लेन-देन का चलन खूब जोर पकड़ रहा है जिस कारण आने वाले समय में काला धन कम से कम अर्थव्यवस्था में आयेगा | और सरकार को राजस्वा में जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है |
           नोट-बंदी के कारण जाली नोट तो कम से कम पूरी तरह से साफ़ हो गए| और इससे प्रायोजित हर तरह की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है | चाहे आतंकवाद हो या कश्मीर में अलगाववाद |
          अब पीएम मोदी के अगले कदम का पुरे देश की जनता को बेसब्री से इंतज़ार है जो उन्होंने ओने गोवा के भाषण में कहा था की अगला कदम " बेनामी संपत्तियों " पर कड़ी कार्यवाही और सभी बेनामी संपत्ति राष्ट्र को समर्पित होगी |

          ये तो नोट-बंदी पर मेरा आकलन है आप कमेंट करके सही या गलत राय दें  |

अब वो वीडियो जिसमे मोदी जी काफी मजाकिया अंदाज़ में पुरे कांग्रेस की चुटकी ले रहें है
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