}); EMBAR INDIA: बैंक मेनेजर कैमरा रिकॉर्डिंग ओंन होने पर भी ग्राहक को धमका रहा ! नहीं कर रहा आरबीआई के रूल्स फॉलो ! ये भ्रष्टाचार की ताकत है ? क्या करेंगें पीएम मोदी ऐसे लोगों का? पूरा लेख अवश्य पढ़ें |

Sunday, December 18, 2016

बैंक मेनेजर कैमरा रिकॉर्डिंग ओंन होने पर भी ग्राहक को धमका रहा ! नहीं कर रहा आरबीआई के रूल्स फॉलो ! ये भ्रष्टाचार की ताकत है ? क्या करेंगें पीएम मोदी ऐसे लोगों का? पूरा लेख अवश्य पढ़ें |


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आखिर क्या होगा हमारे देश का ? समझ नहीं आता ! जिस देश में पिछले ढाई साल से एक ऐसा प्रधानमंत्री शाशन चला रहा है जो पुरे दिन 18-20 घंटे काम करता है । उसके बाद भी नहीं थकता । और उसी देश के कर्मचारी लोगों का ये हाल है की काम ही नहीं करना चाहते | कितना भी डराओ या धमकाओ या प्यार से बात कर लो फरक ही नहीं पड़ता इनको , उल्टा यही धमकाने पर और आँख दिखाने पर उतारू होते हैं |

  1. आखिर क्या कारण होता है इस सोच के पीछे ? 
  2. आखिर क्यूँ ये सरकारी नौकर अपने आपको जनता का मालिक समझने लगते हैं ?
  3. इनको इतना कुछ करने की हिम्मत कहाँ से आती है ?
  4.  क्या इनकी इंसानियत, भावनाएं सब शिथिल पड़ जाती है ?
  5. आखिर क्यूँ नहीं सहयोग करते हैं ये जनता के साथ या कम से कम वो दायित्वा ही वो क्यूँ नहीं सिर्फ ईमानदारी से निभाते जिसके लिए ये तनख्वाह पातें हैं ?
  6. और इन सब को सह रही जनता को आखिर इन्साफ कब मिलेगा ? 
  7. आखिर कब मुक्ति मिलेगी इस तरह के कामचोर सरकारी करमचारियों से जनता को ?
है किसी के पास जवाब इन सभी कुछ मूल प्रश्नों का ! ये वो मामूली प्रश्न है जिससे आम जनता को रोज दो-चार होना पड़ता है | और इस तरह के कई दंश झेलने की आदि हो चुकी है जनता | इसीलिए नोट-बंदी के लिए लाइन में लगी जनता शायद बहुत ज्यादा तकलीफ में ही सही ( तथाकथित विपक्षी पार्टियों के अनुसार ) फिर भी सड़कों पर उतर कर आगजनी नहीं कर रही | नाही वो राहुल गाँधी , अरविन्द केजरीवाल या ममता , मायावती , मुलायम के पीछे लाखों की संख्या में खड़े होकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी ही कर रही है | जनता को ये पता है अगर पीएम मोदी का ये कदम सफल न भी हुआ तो भी एक कोशिश तो उन्होंने की  या आने वाले समय में कुछ और ऐसे कदम उठाये जाये इसकी आशा तो उनसे किया ही जा सकता है | इस तरह के कदम उठाने की उम्मीद कांग्रेस, आम आदमी पार्टी या अन्य किसी दल से तो करनी भी पागलपन होगा |



      हाँ तो बात सरकारी करमचारियों की सोच की चल रही थी चूँकि ये सारा मसला जो उठा है उसके पीछे मुद्दा है नोट-बंदी | उसी से जुड़ा एक वीडियो भी आपको देखने के लिए यहाँ पोस्ट किया जायेगा की कैसे बैंक कर्मचारी ऑन कैमरा इस तरह की गुस्ताखी करने की हिम्मत कर रहा है
        मित्रों हमारे समाज के लोगों में एक कहावत बहुत चलती है मैंने अक्सर बड़े बुजुर्गों से सुना है और शायद यही सोच लगभग पुरे देश की है कमोंबेश, क्या क्या कहावतें आम बोलचाल में है वो करमवार लिख रहा हूँ आप कमेंट में जरुर बताइयेगा की सही है या नहीं और अंत में मैं अपने विचार से इसका एक हल भी सुझाऊंगा उस पर भी अपनी राय दीजियेगा |

  1.  की कैसे भी एक बार सरकारी नौकरी लग जाये फिर सारी जिंदगी आराम ही आराम है ! 
  2. चाहे सरकारी नौकरी लाखों का घुस देके क्यूँ न मिले पर सरकारी नौकरी लग जानी चाहिए | कहीं अगर कुछ साल भी किसी मलाईदार जगह पर पोस्टिंग हो जाये तो सारा पैसा शुद्ध सहित वसूल  लिया जायेगा |
  3. सरकारी नौकरी लगने के बाद तो भैया तनख्वाह सेविंग है ! घर का खर्चा-पानी तो ऊपर वाली कमाई ( घुस ) से चल जायेगा |
  4. सरकारी बाबु हैं भैया ! काम ही करना होता तो प्राइवेट नौकरी नहीं करते की जो कम से कम तनख्वाह ज्यादा होती !
  5. सरकारी नौकरी में छुट्टी की कोई कमी नहीं होती है |
  6. ऑफिस जाने - आने के समय की कोई पाबन्दी नहीं होती है |
  7. सरकारी नौकरी लग जाने के बाद भैया कोई चिंता नहीं होती | क्यूंकि इसमें लग जाने के बाद कोई हटा नहीं सकता |



हालाँकि एक बात गौर करने लायक है की ये जितनी कहावते हैं उनमें से कुछ तो तत्काल प्रभाव से पीएम मोदी के आने के बाद ख़तम सा हो गया है जैसे : आने जाने का समय का निर्धारण पक्का , छुट्टियों में रुकावटें आदि | पर ये आखरी वाला जो सोच है की कोई इनको हटा नहीं सकता जो की ज्यादातर केस में सही साबित होता है इसके कारण ही ये निडर होतें है और भ्रष्टाचार भी इसी की ताकत से करते हैं | इन्हें पता है ज्यादा से ज्यादा क्या होगा , ससपेंड ही तो करेंगे वो बाद में टूट जायेगा |
       इसीलिए कोई ऐसा ग्रेड सिस्टम बनाया जाये जिसमें किसी कर्मचारी के खिलाफ कितने शिकायत आये या साधारण शिकायत हो या  गंभीर उसकी गिनती हो और तीन अथवा पांच शिकायत पर कर्मचारी तत्काल प्रभाव से निलंबित हो किन्तु इस निलंबन में थोडा फर्क हो | अभी तक जो निलंबन होता है उसमें कर्मचारी को नौकरी से छुट्टी मिल जाती है और सरकार उसे आधा तनख्वाह मुफ्त में देती है जिससे सरकार पर मुफ्त का बोझ बढ़ता है | इस निलंबन में उस कर्मचारी को नौकरी लगातार करनी होगी किन्तु तनख्वाह कुछ नहीं मिलेगा | ये तब तक हो जब तक केस क्लियर ना हो जाये | इसके बाद भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत आती है तो उसको नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाये | पर पता नहीं सरकार के पास इस तरह के किसी कानून को लागू करने का प्रावधान है या नहीं ? पर उम्मीद है अगर ये लागू हुआ तो करमचारी डरेंगे और काम इमानदारी से करेंगें जैसा प्राइवेट वाले करते हैं | और भारस्ताचार में भी कमी आएगी | अपनी राय अवश्य दे कमेंट में | पोस्ट अच्छी लगें तो शेयर अवश्य करें |  click here for video




 


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