}); EMBAR INDIA: बिना दिमाग के जीवन की कल्पना भी नही कर सकते है हम, पर दिमाग ना होते हुए भी जीरहे है ये जिन्दगी

Friday, May 19, 2017

बिना दिमाग के जीवन की कल्पना भी नही कर सकते है हम, पर दिमाग ना होते हुए भी जीरहे है ये जिन्दगी

                                                                                  source






दोस्तों मानवी शरीर बहुत से अजीबो गरीब रहस्यों से भरा हुआ है, जीवन और मृत्यु के सारे राज इसी के अन्दर छुपे है, मनुष्य के शारीर
की रचना इतनी जटिल है की उसे एकदम से जान पाना जैसे नामुमकिन सा है| हजारो सालो से मानवी शरीर पर संशोधन होता आया है और उनमे से हजारो रहस्यों से ऊपर से परदा हटता आया है. लेकिन इस मानवी शारीर के और भी अनेक रहस्य है जिनके बारे में खोज करना अभी बाकी है. हमारे अतिप्राचीन ग्रंथो में भी शारीर के अन्दर स्थित आत्मा एवम कुण्डलिनी उर्जा के बारे में जिक्र किया गया है. लेकिन आज का विज्ञान इन बातो को नहीं मानता है | वेदों के अनुसार हमारे शरीर में 7 चक्र होते है और उनका संबंध हमारे मस्तिष्क से है |
हमारा मस्तिस्क ही स्वयंभू है जो हमारे सम्पूर्ण शरीर पर नियंत्रण रखता है.
मानवी दिमाग इतना जटिल है की इसे आजतक पूरी तरह से समझा नहीं गया है. मनुष्य का दिमाग शरीर में होने वाली प्रत्येक घटना पे नियंत्रण करता है. भूख लगना, दर्द होना, आँखों से देखना, कानो से सुनना, नाक से स्वास लेना, मुह से बात करना ऐसे अनेक कार्यो को नियंत्रित करता है |
मस्तिस्क के बगैर मनुष्य जी नहीं सकता है. शरीर के अन्दर की चेतना इसी दिमाग के कारण है. हमें जो कुछ भी महसूस होता है वह इसी दिमाग के कारण ही महसूस होता है. हम जो कुछ भी सीखते है वो भी इसी दिमाग के कारण ही सीखते है. मनुष्य का दिमाग बाकी जानवरों के मुकाबले अधिक विकसित है और उसी के कारण मनुष्य प्रजाति बाकी प्राणियों के मुकाबले ज्यादा बुद्धिमान और विकसित 
है |

हमारा दिमाग भी हमारे शरीर की तरह अलग-अलग हिस्सों में बटा हुआ है. दिमाग का हर एक भाग अलग अलग कार्यो के लिए बना है. जैसे सोचने की प्रक्रिया के लिए अलग हिस्सा, बात करने की प्रक्रिया के लिए अलग हिस्सा, स्वाद को जानने के लिए, शरीर के अंग हिलाने के लिए, आँखों से देखने के लिए, ऐसे अनेक कार्यो के लिए हमारे दिमाग में अलग अलग स्थान होते है. जैसे की आप इस विडियो में देख सकते है |
ये सब तो ठीक है दोस्तों, लेकिन क्या होगा अगर इनमे से कोई एक भाग ख़राब हो जाए, या जन्म से ही हमारे मस्तिष्क में मौजूद ना हो, जैसे जैसे हम बूढ़े होते है हमारे दिमाग के कुछ भाग कार्य करना छोड़ देते है, और उसी की वजह से, बूढ़े लोंगो की यादाश्त का कमजोर होना, आँखों से ना दिख पाना आदि समस्याए होने लगती है | लेकिन क्या ऐसा कभी हुआ है की किसी के मस्तिष्क का कोई हिस्सा जन्म के समय ही विकसित न हुआ हो 
हां दोस्तों आज मैं आपको कुछ ऐसे ही उदाहरण इस विडियो के जरिये दिखाना चाहता हूँ जिनके बारे में जानकार आपकी रुंह काप उठेगी.

click here for report video