}); EMBAR INDIA: हिंदुस्तान का ये पहलवान जो आज तक नहीं हारा, ब्रूस ली ने भी ली है इनसे ट्रेनिंग | ग्रेट खली से बहुत पहले ही इन्होंने पहलवानी में दुनिया में हिंदुस्तान का नाम रौशन किया था |

Saturday, May 13, 2017

हिंदुस्तान का ये पहलवान जो आज तक नहीं हारा, ब्रूस ली ने भी ली है इनसे ट्रेनिंग | ग्रेट खली से बहुत पहले ही इन्होंने पहलवानी में दुनिया में हिंदुस्तान का नाम रौशन किया था |

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आज की रेसलिंग की दुनिया में भारत की तरफ से चमकता सितारा की बात की जाये तो यकीनन एक ही नाम
याद आएगा वो है ग्रेट खली का नाम | लेकिन एक पहलवान ऐसा भी है जिसका नाम  ज्यादातर लोगों ने  सुना तो जरुर होगा किन्तु शायद उनकी ख्याति का अनुभव  नहीं रहा है | ये बात देश की आज़ादी से भी पहले की है | ये कहानी है सन 1905 की जब इस पहलवान की पहली बार पहलवानी में एंट्री की शुरुवात हुई | उस समय के ज्यादातर पहलवान 7 फूट के हुआ करते थे पर इनकी ऊंचाई थी मात्र 5.7" , नाम था गुलाम मोहम्मद बक्श | लोग इन्हें गामा के नाम से बुलाया करते थे | इनका जन्म 1878 में हुआ था | इनकी बहुत छोटी उम्र करीब 5 साल में पिता की मृत्यु हो गयी थी | इनके पिता को दतिया के राजा भवानी सिंह बहुत अच्छी तरह से जानते थे | इस कारण गामा और उनके बड़े भाई के आगे के पूरी ट्रेनिंग और खर्च की जिम्मेदारी उठा ली |
गामा ने अपनी ट्रेनिंग पर खूब ध्यान लगाया | वो एक दिन में 5000 दंड और 3000 पुशप्स लगा लिया करते थे | उनकी एक बार की खुराक में 6 चिकन, 10 लीटर दूध और आधा किलो घी शुमार था | एक बार जोधपुर के राजा ने एक पहलवानी का कम्पटीशन रखवाया था, जिसमे पुरे देश से 400 से भी ज्यादा पहलवानों ने हिस्सा लिया था | सारे पहलवान उम्र, कद और एक्सपीरियंस में गामा से बहुत ऊपर के थे | इस कम्पटीशन के टॉप 15 में गामा का भी नाम शुमार था | जब गामा 19 साल के थे तब उस समय के रुस्तम-ए-हिन्द पहलवान रहीम बक्श सुलतानी वाला थे | इनका कद गामा से करीब 2 फूट ज्यादा था | रहीम बक्श सुलतानी वाला और गामा के बीच कुल तीन मुकाबले हुए जिसमे पहला ड्रा रहा तथा दूसरा और तीसरा जीता गामा  ने | इसके बाद रुस्तम-ए-हिन्द की उपाधि गामा ने अपने नाम  कर ली | सन 1910 तक गामा ने पुरे भारत   के सभी पहलवानों को धुल चटा दी थी |
इसके बाद गामा पहुँच गए थे लन्दन दुनिया के सबसे बड़े पहलवानी का मैडल अपने नाम करने के लिए | लेकिन यहाँ पहुँच कर गामा को पता लगा की उनकी ऊंचाई और वज़न वहां भाग  लेने के लिए जरुरी से कम थे | इस बात के बाद उन्होने वहां के सभी पहलवानों को चुनौती दे डाली |  गामा ने 2 दिनों में वहां के 15 पहलवानों को हराया | इसके बाद वेस्टर्न रेसलर टूर्नामेंट के लोगों ने हाथ जोड़ कर गामा को अपने यहाँ टूर्नामेंट के लिए बुलाया | इसके बाद वहां के चैंपियनशिप खिताब जॉन बुल बेल्ट ऑफ़ वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए गामा का मुकाबला स्टेनिस लॉस चौबिस्को से हुआ | इसके बाद  गामा पूरी दुनिया में मशहूर हो गए | किन्तु इसके बावजूद उनका अंतिम जीवन काफी दुखद बीता | उनके जीवन से और कई रोचक किस्से परचलित है | उनमें से कुछ मुख्य किस्से देखिये इस वीडियो में और क्यूँ हुआ उनका अंत समय दुःख भरा ये भी जानिये इस वीडियो में |   click here for video