}); EMBAR INDIA: मुसलमान अपनी बर्बादी पर खुद ही नाच रहे है , क़ुरान के नाम पर हो रहा आतंक कुरान और इस्लाम का मजाक बना रहा है !

Friday, December 30, 2016

मुसलमान अपनी बर्बादी पर खुद ही नाच रहे है , क़ुरान के नाम पर हो रहा आतंक कुरान और इस्लाम का मजाक बना रहा है !

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देश में मुस्लिम समाज वर्तमान में लगभग आबादी का पच्चीस से तीस प्रतिशत हो चुके है , लेकिन आज भी
मुसलमानों की आर्थिक , सामाजिक , राजनीतिक परिस्थिति कितनी बुरी है ये किसी से छुपा नहीं है | मुसलमान आबादी भारत के दलित , आदिवासी वर्ग के समकक्ष या बल्कि उससे भी निचले स्तर तक आ पंहुचा है | ये तो बात रही परिस्थितियों की | पर ये क्या ये नेता जो मुसलमानों के रहनुमा बने फिरते है वो इतना बेवकूफ क्यूँ मान बैठे है मुसलमानों को | उत्तर प्रदेश में मायावती कहती है : अगर मुसलमान समाज का एक भी वोट समाजवादी पार्टी को जाता है तो ये भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने में सहायक होगा | मतलब मुसलमानों को एक पार्टी से डराकर वोट हासिल किया जा सकता है ऐसा मायावती जी को लगता है | मुलायम सिंह यादव एक भाषण में कहते है : मोदी जी आप को हम उत्तर प्रदेश में गुजरात बनाने ( गुजरात 2002 दंगा की ओर इशारा  ) नहीं देंगे | यहाँ भी एक शख्श से डराकर वोट मिल जायेगा मुसलमानों का इसकी उम्मीद है |



नितीश कुमार जी अपने भाषण में कहते हैं की : देश को ऐसे नेता की जरुरत है जो तिलक भी लगाये और टोपी भी पहनें | मतलब नितीश जी को लगता है की मुसलमान इतना बेवकूफ है की बस टोपी पहनने से ही वो किसी नेता को वोट दे देगा | ये तो समझ ही नहीं आता | क्या देश के मुसलमान इतने बेवकूफ हैं ? अगर नहीं है तो अपनी समझदारी क्यूँ नहीं दिखाते ? अगर पीएम मोदी देश का विकास करेंगे तो क्या उसका फायदा सिर्फ हिन्दुओं, सिखों, जैनियों को ही होगा ? क्या विकास का फायदा मुसलमानों को नहीं होगा ? क्या मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कहीं से भी देश में कोई नीति मुसलमानों के खिलाफ जाती दिखी है? अभी भी समय है अपनी अक्ल लगाये और उचित निर्णय स्वयं के विवेक से ले अन्यथा ये नेता आपको और इस्लाम को दोनों को बदनाम कर के रख देंगे |   click here for video