जैसा की आपको पता है भारतीय बैंकों के लगभग 8000 करोड़ रूपये का बकाया है विजय माल्या पर |
और वो शख्स भारत से बाहर मौज कर रहा है| इस तरह के आरोप भी लगते रहे है मोदी सरकार पर की माल्या को विदेश भागने देने में इस सरकार का ही योगदान रहा है | ये बवाल तब और भी बढ़ गया जब विजय माल्या के लोन को नॉन परफोर्मिंग एसेट में बदला गया | तब विपक्ष द्वारा ये आरोप बराबर लगाया की माल्या के क़र्ज़ को माफ़ कर दिया गया सरकार द्वारा | हालाँकि सरल शब्दों में नॉन परफोर्मिंग एसेट का मतलब होता है लोन धारक को बैंक द्वारा ब्लैक-लिस्टेड करना और ये जनता भी अच्छी तरह समझने लगी |
अब खबर आ रही है की भारत सरकार ने माल्या के पर्त्यार्पण के लिए ब्रिटेन को आग्रह पत्र सौपा है | विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा, सीबीआई से मिला प्रत्यर्पण आग्रह हमने ब्रिटेन के उच्चायोग को भेज दिया है | हमने कहा है की भारत में सुनवाई का सामना करने के लिए उनका प्रत्यर्पण कराया जाये | स्वरुप ने बताया कि निश्चित प्रारूप में प्रत्यर्पण आग्रह किया गया है | अब ब्रिटेन आगे की कार्यवाही करेगा |
