अब तक आजादी के बाद सबसे ज्यादा जिस जगह पर प्रत्यक्ष रूप में गरीबों का हक भ्रष्टाचारियों ने खाया है
वो है सरकारी राशन की दुकान | जहाँ पर अनाज और अन्य खाद्य सामग्रियों पर दी जा रही सरकारी सब्सिडी नकली राशन कार्ड बनाकर भ्रष्टाचारी ही खा जाते थे और आम जनता तक वो लाभ नहीं पहुच पाता था |
इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन की दुकानों से सस्ता अनाज हासिल करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है |
जिन लाभार्थियों के पास आधार कार्ड अभी तक नहीं है, उन्हें 30 जून तक का वक़्त दिया गया है | इसके बाद बिना आधार के राशन की दुकानों से सस्ती दरों पर खाद्दान्न नहीं मिलेगा | खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने आधार को अनिवार्य बनाने के बारे में अधिसूचना जारी कर दी है की सेवा लाभ और सब्सिडी के लिए पहचान के लिए आधार का उपयोग वितरण प्रणाली में और पारदर्शिता लाएगी | इस कदम का सीधा असर होने वाला है और गरीबों का हक उनको ये मोदी सरकार दिलाकर ही रहेगी |
