}); EMBAR INDIA: बाबरी मस्जिद का ये असली इतिहास जानकर दिमाग चकरा जायेगा |

Saturday, April 15, 2017

बाबरी मस्जिद का ये असली इतिहास जानकर दिमाग चकरा जायेगा |

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दशकों से विवादित राम जन्म भूमि के बारे में बाबर-नामा किताब जो स्वयं बाबर ने ही लिखी थी को पढने के
बाद कुछ ऐसे रहस्य खुलते है जो यकीन करने लायक नहीं है | दरअसल राम जन्म भूमि पर बने मन्दिर को तोड़कर  ये जो ढांचा तैयार किया गया और आज तक मुसलमान इसे बाबरी मस्जिद मानकर इसे दुबारा बनाने की  मांग कर रहें है | ये कोई मस्जिद है ही नहीं | ये बाबर के ऐय्यासी का एक ठिकाना था |
बाबर समलैंगिक अर्थात गे था ऐसा उसके इसी किताब से पता चल जाता है | वो इतना वैह्सियाना हरकत करने वाला बंदा था की उसको बच्चे के साथ सम्भोग करना बहुत पसंद था | वो अपनी जिंदगी में पता नहीं कितने बच्चे लड़कों का जीवन ख़राब कर चूका था | उसने अपने किताब में लिखा है की वो अपनी पत्नी आयशा से प्यार नहीं करता था जिसके लिए उसे डांट पड़ती थी अपनी माँ से | और माँ के दबाव में ही बाबर अपनी पत्नी आयसा के पास रात बीतने के लिए १५-20 दिनों में जाया करता था | इस कारण उसकी पत्नी आयशा भी उससे खफा रहने लगी थी | बाबर ने बाबर-नामा में लिखा है की अपने नाम से मिलते-जुलते नाम वाले लड़के बाबरी से इश्क हो गया है जिसकी उम्र मात्र 14 साल है | और वो उससे ही जिस्मानी सम्बन्ध रखना चाहता है | दरअसल बाबरी नाम की ये इमारत बाबर ने अपने नाम पर नहीं अपितु अपने समलैंगिक प्यार बाबरी के नाम पर बनायीं है | जो की उसके हवस का एक ठिकाना था | भारत के सभी मुसलमानों से प्रार्थना है की आप बाबर-नामा पढ़ें | आपको हमारे इस वीडियो में दिए जानकारी देखने के बाद यकीन है की कभी भी आपको नहीं लगेगा की बाबरी मस्जिद जैसी कोई ईमारत मुद्दा हो भी सकती है |
मुसलमान भी इसे जरुर देखें और आप लोग इस पोस्ट को शेयर करके पुरे देश में ये जानकारी पहुचाये ताकि बाबरी मस्जिद जैसी घटिया इमारत की मांग ख़तम हो और वहां भव्य राम मन्दिर का निर्माण हो | देखें ये वीडियो |  click here for video