}); EMBAR INDIA: पानी की किल्लत से जुझ रहे गाँव में मिला पुस्तैनी कुआँ ....जिसे देख सब हुए हैरान !

Saturday, May 27, 2017

पानी की किल्लत से जुझ रहे गाँव में मिला पुस्तैनी कुआँ ....जिसे देख सब हुए हैरान !

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सिवनी. भीषण गर्मी में समूचा जिला जहां पेयजल संकट से जूझ रहा है वहीं घंसौर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत
किंदरई के समीपस्थ ग्राम बुढऩा में जमीन की खुदाई के दौरान प्राचीन बाबली मिलने से ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। गांव के बुजुर्गों ने उक्त बावली के विषय में बताया कि यह रामकुण्डी, रामपथ से जुड़ा है। भीषण गर्मी में भी यहां मीठा पानी मिल रहा है।
ग्राम किंदरई निवासी प्रेमशंकर कोसले ने बताया कि नहर की खुदाई कार्य के दौरान जब सम्मालाल नेताम के घर से लगे खेत में लोगों को पत्थरों का ढेर और एक सीढ़ी नजर आई तो सभी को आश्चर्य हुआ। यहां पिछले साल से खुदाई जारी है जो पिछले तीन-चार माह पहले बंद कर दी गई है। खुदाई के दौरान जब एक के बाद एक नीचे की ओर सीढ़ी मिलती गई तो लोगों को आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।
खुदाई के बाद प्राचीन बावली मिलने पर गांव के वयोवृद्धों ने जो जानकारी बताई वह सबको चकित करने वाली है। उन्होंने बताया कि ऐसा माना जाता है कि वनवास के समय जब भगवान श्रीराम-सीता, लक्ष्मण जब यहां से गुजरे थे तब माता सीता को प्यास लगी थी तब राम ने पैर मारा था तो पानी निकल आया था। तब से यहां ऐसे यहां कुण्ड हैं।


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ग्राम बुढऩा निवासी पितरलाल पिता महासिंह नेताम, दुर्गा सिंह बरकड़े, शंकरलाल भगदीया, बिसनलाल नेरी, किसनलाल नेरी, सुकरत बरकड़े, लक्ष्मन नेरी, महेश मसराम, मानसिंह भगदीया, मनीराम मसराम आदि ग्रामीणों ने बताया कि वीहर से 200 मीटर दूरी पर दो कुण्ड हैं। जो एक कुण्ड पर पीने का मीठा पानी है। इस गांव से लगे आसपास के आधा दर्जन गांव के लोग यहां पीने का पानी और एक दूसरे कुण्ड में नहाने के लिए आते हैं।
प्रेमशंकर कोसले ने बताया कि खुदाई के दौरान जो कुण्ड मिला है उससे लगभग 100 मीटर की दूरी पर प्राचीन कुण्ड है। वहीं मंदिर भी है। कुण्ड का पानी मीठा व स्वच्छ रहता है। ग्रामवासियों ने इस प्राचीन कुण्ड का संरक्षण किए जाने की मांग भी की है।

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