भारत और चीन में पिछले कुछ दिनों से तनातनी बढ़ी है | ड्रैगन भारत को लगातार 1962 युद्ध की याद दिला रहा है, तो वहीँ भारत पर पंचशील समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगा रहा है | दूसरी ओर भारत की ओर से भी इस बार मामले में नरम तेवर नही दिखाए गए हैं | भारत की ओर से भी कई मंत्रियों के चीन के लिए कई शख्त बयान आयें हैं | रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि, 'चीन को याद रखना चाहिए कि अब 1962 जैसे हालात नहीं हैं | सीमा पर भले ही कितनी तनातनी हो, लेकिन चीन के लिए भारत के साथ दुबारा युद्ध करना या फिर ज्यादा दिनों तक आँख दिखाना इतना आसान भी नहीं है |' आइये समझते हैं कि अरुण जेटली ने ऐसा क्यूँ कहा ?
1. भारत है चीन का सबसे बड़ा बाज़ार : दरअसल चीन का सबसे बड़ा बाज़ार भारत है | पिछले कई सालों से चीन की ओर से भारत का आयात बढ़ा है | हालाँकि भारत की ओर से निर्यात में थोड़ी कमी जरुर आई है | दोनों देशों के बीच 2016-2017 तक लगभग 71.18 अरब डॉलर का कारोबार होता रहा है | जिसमे चीन अभी इस समय भारत को 59.43 अरब डॉलर का सालाना सामान का निर्यात करता रहता है | जो यहाँ के कुल आयात का 13% के लगभग होता है | केंद्र सरकार के आकड़ों के मुताबिक चीन ने भारत में मार्च, 2017 के अंत तक 4.91 अरब डॉलर का निवेश किया है | साफ़ है कि अगर चीन भारत से रिश्ते बिगाड़ने कि कोशिश करेगा तो उसके व्यापर पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा |
2. अमेरिका का साथ : भारत और अमेरिका के सम्बन्ध पिछले कई समय से काफी मज़बूत होते गए हैं और चीन को इस दोस्ती से काफी दिक्कतें भी हैं, ये कई मौकों पर सामने भी आया है | हाल ही में चीन की ओर से बयान भी आया था कि, 'भारत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ की वज़ह से ही चीन को आँखें दिखा रहा है | डोनाल्ड ट्रम्प भी लगातार अमेरिका फर्स्ट की बातें करते हैं, जिसका सीधा असर चीन पर भी पड़ सकता है | क्यूंकि चीन कि कई कंपनियां पूरी दुनियां में फैली हुई हैं | अगर चीन का भारत-अमेरिका से सम्बन्ध बिगड़ते हैं तो चीन जिस ग्लोबल मार्किट के सपने संजोता है , वो सपना खतरे में पड़ सकता है |
3. कई कंपनियों पर पड़ेगा इसका असर : यह तो साफ़ है कि भारत चीन का सबसे बड़ा बाज़ार है | चीन i कंपनियां भी भारत में अहम् भूमिका निभाती हैं औ बड़ी संख्या में भारत में अपना सामान बेचती हैं | इन कंपनियों में लेनोवो, हायर, हुवाई, टीसीएल, ओप्पो, विवो जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं |
4. चीन से सामान आयात करते हैं हम : भारत चीन से जो चीजें आयत करता है उनमे टीवी, मोबाइल, चार्जर, मेमोरी कार्ड और म्यूजिक उपकरण सबसे अहम् है | इसके अलावा बर्तन, ऑटो एक्सेसरीज, बिल्डिंग मेटेरिअल, सेनेट्री आइटम, किचन आइटम, टाइल्स मशीनें , इंजन, पंप, केमिकल, फ़र्टिलाइज़र, आयरन और स्टील, प्लास्टिक और मेडिकल इक्विपमेंट शामिल हैं |
5. अब भारत की सेना में भी है दम : यह बात तो बिलकुल साफ़ है कि अब भारत और चीन के हालांत 1962 के जैसे नहीं रहे | भारत एक काफी मज़बूत देश हो गया है | सैन्य मामलों में भी भारत की ताकतें बढ़ी हैं | चीन भी भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से डरता है | इसके अलावा भी भारत की ताकत और भी हैं |
अभी सीमा पर क्या है हालत : भारतीय सीमा में अवैध घुसपैठ और उसके बाद नक़्शे में सिक्किम को अपना हिस्सा बताने पर चीन के साथ तनाव के हालांत अपने चरम सीमा पर हैं | भारत ने एक ओर कहा कि, 'हम 1960 वाले हालातों में नहीं हैं | चीन हमें कमज़ोर ना समझे |' वहीँ चीन ने भी कहा कि, 'हमें भी 1962 वाला चीन मत समझिये |' चीनी मीडिया ने कहा कि हम अपनी जमीनें बचाने के लिए जंग के स्तर तक भी जा सकते हैं | इस इलाके में दोनों तरफ सैनिक भेजे गए हैं | यहाँ भारत ने डोकलाम में जो सैनिक भेजे हैं उन्हें नॉन-कैम्बिटिव मोड में तैनात किया गया है | अब देखने वाली बात होगी कि ये भारत और चीन का विवाद आगे क्या रूख मोड़ लेता है |
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