सावन का महिना बहुत ही पवित्र और पावन माना जाता है, क्यूंकि ये महादेव शिव भगवान का महिना है | ऐसी मान्यता है की जो भी व्यक्ति इस महीने में भगवन शिव की आराधना करता है उसकी साड़ी मनोकामना पूरी हो जाती है | उसे अन्न-धन की कोई कमी नहीं रहती है | इसके अलावा और सभी देवी-देवताओं की भी कृपा उसे प्राप्त होती है | इस माह की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए शाश्त्रों में कुछ बातें बताई गयी है जो इस महीने में भूल कर भी नहीं करना चाहिए | विशेष कर चार ऐसे कार्य बताये गए हैं जो अगर इस महीने किये जाये तो अनर्थ लेन वाला जैसा माना जाता है | ऐसी मान्यता है की इन कामों से भगवान् शिव क्रोधित होते हैं और फिर उनकी कृपा प्राप्त नहीं होती है | मित्रों आज हम केवल धार्मिक नज़रिये से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक नज़रिये से भी बताएँगे की सावन के महीने में किन कामों को नहीं करना चाहिए |
1. हल्दी का प्रयोग वर्जित : सावन के महीने में विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए की भगवान् शिव की पूजा करते वक़्त उन्हें हल्दी नही चढ़नी या लगनी चाहिए | हल्दी केवल जलधारी पर ही चढ़नी चाहिए क्यूंकि ये स्त्रीतत्व को दर्शता है | तथा यह माता पार्वती का प्रतीक माना जाता है | शिवलिंग पुरुष तत्व से सम्बंधित है और ये शिव जी का प्रतीक है | इसलिए शिवलिंग पर नहीं बल्कि जलधारी पर हल्दी चढ़ाई जाती है |
2. दूध का सेवन वर्जित : इस महीने में मान्यता है की दूध का सेवन नहीं करना चाहिए क्यूंकि सावन के महीनों में किट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है | तथा गाय और भैस घास के साथ-साथ कीड़े-मकोड़े भी खा जाते हैं | जिस कारण इन दिनों दूध हानिकारक हो जाता है |
3. बैंगन का सेवन वर्जित : दूध के बाद बैंगन ऐसी सब्जी है जिसका सावन में सेवन वर्जित माना गया है | इसका धार्मिक कारण यह है की शाश्त्रों में बैंगन को अशुद्ध कहा गया है | इसी कारण कार्तिक महीने में भी कार्तिक मॉस का व्रत रखने वाले बैंगन के सेवन से दूरी बनाये रखते हैं | तथा इसका वैज्ञानिक कारण यह माना जाता है की सावन में बैंगन में अधिक कीड़े लगते हैं | ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है | इसीलिए सावन में बिंगन नहीं खाना चाहिए |
4. गलत विचार मन में ना लायें : सावन का महिना अत्यंत पावन एवं नई ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है | अतः भूल से भी इस माह में मन में गलत विचार ना लायें | जैसे किसी को नुकसान पहुचाने के बारे में सोचना, अथवा किसी स्त्री के सम्बन्ध में बुरे ख्यालों को मन में लाना | यदि आप मन में ऐसे विचार लेके आते हैं तो इससे आपका ध्यान भटकने लगता है और आप भगवान शिव की भक्ति में पूरी तरह ध्यान नहीं लगा पाते | शाश्त्रों में स्त्री के बारे में गलत विचार मन में लाना महापाप माना गया है | स्त्री जननी है तथा उनका हमेशा सम्मान करना चाहिए |
5. घर में क्लेश ना हो : अधिकतर परिवारों में पति-पत्नी के बीच वाद-विवाद व छोटी-मोटी लड़ाइयाँ अक्सर होती रहती हैं , ये आम बात है | पर ये विवाद जब बढ़ जाती है, तो पूरा घर अशांत हो जाता है | सावन माह में इस बात का विशेष ध्यान रखें की घर में क्लेश ना हों | जिन घरों में क्लेश होता है, अशांति रहती है, वहां देवी-देवता निवास नहीं करते | सावन माह में अगर शिव जी की कृपा चाहते हैं तो घर में प्रेम बनायें रखें, और एक-दुसरे की गलतियों को भूलकर आगे बढ़ें | घर में शांति रहेगी तो जीवन भी स्वर्ग बना रहेगा , मन प्रशन्न रहेगा | यदि प्रशन्न मन से पूजा करेंगे तो आपकी सारी मनोकामनायें भी जल्दी पूरी हो जाएँगी |
6. क्रोध वर्जित : सावन के महीने में क्रोध भी नहीं करना चाहिए | क्रोध से मन की एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता सब ख़त्म हो जाती है | क्रोध के आवेग में लिए गए फैसले भी अधिकतर नुकसानदायक ही होते हैं | ये एक बुराई है और इससे बचना चाहिए | शिव जी कृपा पाने के लिए खुद को शांत रखना बहुत जरुरी है | क्रोध से मन अशांत हो जाता है और ऐसे में फलदायी पूजा करना संभव नहीं है | उम्मीद है मित्रों आप इस जानकारी का लाभ इसी सावन में उठाएंगे | ॐ नमः शिवाय |
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