कश्मीर घाटी के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे | कश्मीरियों की जिंदगी बद से बदतर होती जा रही है |
चंद अलगाववादी नेता , और कुछ लालची किस्म के लोगों के साथ पाकिस्तान प्रायोजित ताकतों का ऐसा गठबंधन हो गया है, जिसके चंगुल से कश्मीर निकल नहीं पा रहा | ऊपर से ये पिछली सरकारों के तुष्टिकरण की राजनीति ने इसमें आग में घी जैसा काम किया | जब से केंद्र में मोदी सरकार और कश्मीर में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनी है, तब से ही तमाम तरह की कोशिश हुई है आतंकवाद और गद्दार ताकतों को ख़त्म करने और कमजोर करने की | जिसमे बहुत हद तक सफलता भी मिली है | वहां के पाकिस्तान परस्त ताकतें और भारत से गद्दारी करने वाले लोग में एक दहसत बैठ गयी है, उनकें दूकान बंद होने की |
इसका सबसे बड़ा सबूत है कश्मीर में अब उन्हें लड़ाके नहीं मिल रहे हैं | घाटी में अब बच्चों को कट्टरपंथ का 'धीमा जहर' पिलाने की कोशिश हो रही है | वहां पर आतंकवादी और अलगाववादियों द्वारा बच्चों की ऐसी तस्वीरें जगह-जगह बांटी जा रही है, जिनमे बच्चे बड़े-बड़े हथियार लिए हुए हैं, या पाकिस्तानी झंडा लिए हुए हैं | इन तस्वीरों के साथ एक सन्देश दिया जा रहा है की 'किताबें छोडो, बन्दूक उठाओ ताकि कश्मीर आज़ाद हो' | ऐसी तस्वीरों का मकसद है की वहां के बच्चे फैशन में ऐसी और तस्वीरें खिचवायें जिससे आतंकवादियों के मंशुबों को बढ़त मिले | इस तरह की मुहीम पहले कभी घाटी में नहीं देखी गयी |
अलगाववादी खुद अपने बच्चों को देश-विदेश में अच्छी शिक्षा दिला रहे हैं, लेकिन आम कश्मीरियों को इससे वंचित रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है | वहां के स्कूलों को जलाया गया | पढने वाले बच्चों को पत्थर फेकने के लिए उकसाया गया | शिक्षा के सभी माध्यमों को नष्ट कर वहां बच्चों को केवल 'जिहादी' बनने को प्रेरित करने की कोशिश जारी है |
इन सबके बीच एक ख़ुशी की खबर ये है की वहां भारतीय सेना द्वारा चलाये जा रहे गुडविल स्कूल्स में बच्चों की तादाद बहुत ज्यादा रहती है | दरअसल ये स्कूल्स घाटी में फैली अशांति के बावजूद बिना रुकावट चलती है | वहां के पढने वाले छात्रों से बात करके पता चलता है की अशांत इलाकों में रहने वाले बच्चों में पढने की ललक कितनी ज्यादा है | सेना ने कहा की बजट की कमी के कारण ऐसे स्कूल हर इलाके में नहीं चलाये जा सकते | EMBAR INDIA सरकार से ये रिक्वेस्ट करता है की सेना के ऐसे अच्छे प्रयोग के लिए बजट की समस्या ना आने दे | सेना के इस तरह के प्रयासों से ही भारत की जीत संभव है | अगर आप भी हमारे मत से सहमत हैं तो ये पोस्ट शेयर करें |
