जब से उत्तर प्रदेश में योगी जी की अगुआई में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से ही स्लॉटर हाउस का मुद्दा
गरमाया हुआ है | कई लोगों की दलील रहती है की अगर सभी स्लॉटर हाउस बंद कर दिए जाये और पशु ना काटे जाएँ तो वैसे पशु जिनका उपयोग आज के युग में नहीं है, उनका क्या करेंगे ? उन लोगों का इशारा बैल या भैस से होता है क्यूंकि वो दूध नहीं दे सकते |
इसी बीच ताज़ा खबर आई है की बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि रिन्यूएबल एनर्जी के एक नए रूप, 'बुल पॉवर' पर काम कर रही है | बैल के खीचने की शक्ति की मदद से बिजली निर्माण करने के इस आईडिया पर पिछले डेढ़ साल से अधिक के रिसर्च में कुछ शुरुवाती सफलता मिली है | इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है की पशुओं को बुचाद्खाने ना भेजा जाये |
इस पुरे रिसर्च का आईडिया आचार्य बालकृष्ण जी का है | इसमें देश की एक प्रमुख अन्तराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल निर्माता और एक तुर्की की कंपनी भी शामिल है | अभी तक एक टर्बाइन वाले इस डिज़ाइन में लगभग 2.5 किलोवॉट बिजली मिल सकी है | इसमें बदलाव करके और अधिक बिजली उत्पादन की संभावनाओं पर रिसर्च जारी है |
आचार्य बालकृष्ण ने बताया, 'ऐसे समय में जब बड़ी संख्या में बैलों को कटा जा रहा है, तो हम यह धरना बदलना चाहते है की बैल बहुत कीमती नहीं होते | उन्होंने बताया की इस कदम का मकसद उन गरीबों की सहायता करना भी है जो बिजली पर खर्च नहीं कर सकते | इस रिसर्च में हम यह ध्यान दे रहे हैं की कैसे अधिक वॉट बिजली उत्पादित हो जिससे किसान अपने घर में इसका इस्तेमाल बिजली के लिए कर सके | हालाँकि उन्होंने कहा, 'अभी इच्छा अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं |
