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अक्सर महिलाओं को पुरुषों से कम आँका जाता है | और अगर महिला शादीशुदा हो और दो बच्चों की माँ हो तो
उसका महत्व और कम कर दिया जाता है | उनकें बारे में ऐसी धारणा समाज में बनायीं जाती है जैसे महिला कमजोर और अबला होती हैं | अब ये किसी काम को अंजाम देने के लायक नहीं | अगर कुछ लोग ये माने भी की वो कुछ कर सकती हैं तो उनके लिए निश्चित फील्ड तय कर दिया गया है | जैसे टीचर, डॉक्टर, बैंक जैसे पेशें को वो अपना सकती है |
अगर किसी लड़की के लिए कहा जाये की वो पर्वतारोही बनना चाहती है तो ही ये पुरुष प्रधान समाज स्वीकार नहीं करता और शादीशुदा या माँ बन गयी लड़की के लिए तो ये मानना असंभव है | पर अगर पुरुषों की तरह उनकों भी प्रोत्शाहन दिया जाये तो महिलाएं कुछ भी करने में सक्षम हैं |
इसी तरह का काम कर दिखाया है अरुणाचल प्रदेश निवासी पर्वतारोही अंशु जम्सेंपा ने | इन्होंने सिर्फ 5 दिन के अन्दर दूसरी बार माउंट एवरेस्ट करके इतिहास रच दिया | केवल 118 घंटे 15 मिनट में दो बार दुनिया की सबसे ऊँची छोटी पर तिरंगा फहराने वाली वाह पहली महिला बन गयी हैं | एक सीजन में दो बार एवरेस्ट फतह करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हो गया है | लगातार 5 बार 8850 मीटर उंचाई वाले एवरेस्ट पर चढ़ने में कामयाब होने वाली वो पहली भारतीय महिला भी बन चुकी हैं |
ये भी पढ़ें : महिलायों की सिर्फ पांच चीज़े देखकर, पुरुष हो जाते है आकर्षित
इससे पहले, ३२ साल की अंशु ने 2011 में 10 दिन के अन्दर दूसरी बार एवरेस्ट फतह किया था | 2013 में वो नेपाल की तरफ से एवरेस्ट पर पहुंची थीं | पिछले साल उन्होंने मई में हिमालय की चोटियों को केवल 6 दिन में फतह करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था | तो उम्मीद इन मोहतरमा के रिकॉर्ड पढ़कर आपको लग गया होगा की महिलाएं भी वो सब काम करने में सक्षम है जो पुरुष कर सकते है |
अक्सर महिलाओं को पुरुषों से कम आँका जाता है | और अगर महिला शादीशुदा हो और दो बच्चों की माँ हो तो
उसका महत्व और कम कर दिया जाता है | उनकें बारे में ऐसी धारणा समाज में बनायीं जाती है जैसे महिला कमजोर और अबला होती हैं | अब ये किसी काम को अंजाम देने के लायक नहीं | अगर कुछ लोग ये माने भी की वो कुछ कर सकती हैं तो उनके लिए निश्चित फील्ड तय कर दिया गया है | जैसे टीचर, डॉक्टर, बैंक जैसे पेशें को वो अपना सकती है |
अगर किसी लड़की के लिए कहा जाये की वो पर्वतारोही बनना चाहती है तो ही ये पुरुष प्रधान समाज स्वीकार नहीं करता और शादीशुदा या माँ बन गयी लड़की के लिए तो ये मानना असंभव है | पर अगर पुरुषों की तरह उनकों भी प्रोत्शाहन दिया जाये तो महिलाएं कुछ भी करने में सक्षम हैं |
इसी तरह का काम कर दिखाया है अरुणाचल प्रदेश निवासी पर्वतारोही अंशु जम्सेंपा ने | इन्होंने सिर्फ 5 दिन के अन्दर दूसरी बार माउंट एवरेस्ट करके इतिहास रच दिया | केवल 118 घंटे 15 मिनट में दो बार दुनिया की सबसे ऊँची छोटी पर तिरंगा फहराने वाली वाह पहली महिला बन गयी हैं | एक सीजन में दो बार एवरेस्ट फतह करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हो गया है | लगातार 5 बार 8850 मीटर उंचाई वाले एवरेस्ट पर चढ़ने में कामयाब होने वाली वो पहली भारतीय महिला भी बन चुकी हैं |
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इससे पहले, ३२ साल की अंशु ने 2011 में 10 दिन के अन्दर दूसरी बार एवरेस्ट फतह किया था | 2013 में वो नेपाल की तरफ से एवरेस्ट पर पहुंची थीं | पिछले साल उन्होंने मई में हिमालय की चोटियों को केवल 6 दिन में फतह करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था | तो उम्मीद इन मोहतरमा के रिकॉर्ड पढ़कर आपको लग गया होगा की महिलाएं भी वो सब काम करने में सक्षम है जो पुरुष कर सकते है |
