कई तरह की जांच में ये बात साबित हुई है की देश में जितने भी मौजूद NGO है सभी के विदेशी फण्ड की
जानकारी में बहुत बड़े रूप में धांधली होती है | और रिपोर्ट्स ये भी कहती हैं की ये NGO विदेशी फण्ड का गलत इस्तेमाल भारत में गलत माहौल तैयार करने में भी करते है | ये सब काम उन देशों के इशारे पर ही किया जाता है जो देश चाहते है की भारत अस्थिर रहे और कभी सुपर पॉवर ना बने |
ये फण्ड भी NGO's को इसी बात के उन देशों के फर्जी कंपनियों के द्वारा भिजवाए जाते हैं | कई बार बड़ी बड़ी विदेशी कंपनियां भारत में अपने पक्ष में माहौल बनाने या लॉबिंग करने के लिए भी इस तरह के फण्ड भेजती है | लेकिन अब ये सब नहीं चलेगा |
केंद्र ने विदेशी सहायता विनियम कानून के तहत रजिस्ट्रेशन रिन्यू करने के लिए एनजीओ को आखिरी मौका ( 15 मई से 14 जून ) दिया है | ये मौका 2010 से 2015 के बीच इनकम टैक्स न भरने वेक एनजीओ को दिया गया है ताकि वो सरकार को सारे फण्ड का ब्यौरा आयकर रिटर्न में दे दे | इस दौरान किसी तरह का कोई लेट चार्ज या आर्थिक दंड नहीं लगेगा |
सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार आने वाले दिनों में एनजीओ पर और कड़ाई करने के मूड में है जिसके पहले ये एक तरह की चेतावनी भेजी गयी है | सरकार ने ये कहा भी है की वो जल्द ही इससे सम्बंधित (रजिस्ट्रेशन और फंडिंग को पारदर्शी बनाने ) कोई नया कानून जल्द लाने वाली है |

