}); EMBAR INDIA: अगर आप भी बिना मलाई वाला दूध पीते हैं तो ये जानकारी जरुर पढ़ लें, नहीं तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम |

Friday, June 16, 2017

अगर आप भी बिना मलाई वाला दूध पीते हैं तो ये जानकारी जरुर पढ़ लें, नहीं तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम |

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दोस्तों वैसे तो हम सब जानते हैं की दूध सेहत के लिए कितना फायदेमंद है |  हमारी दादी , नानी, बुआ, और हमारी माँ हमें रोजाना दूध पीने पर जोर देती रहीं हैं |  और अक्सर कहती रहती हैं की दूध जरुर पियो बेटा, वो भी मलाई के साथ |  लेकिन हम कई बार आना-कानी करते हैं और दूध से मलाई हटाकर दूध पीते हैं |  दरअसल दूध में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम,  जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं , जोकि हमारे हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं | दूध जितना आपकी सेहत का ख्याल रखता है , अगर आप दूध से मलाई हटाकर पियेंगे तो उतना ही आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है | यह बात एक रिसर्च में सामने आई है , जिन लोगों को मलाई पसंद नहीं है और वो मलाई के बिना दूध पीते हैं , तो वे लोग अपनी आदत बदल ले ताकि इसके परिणाम स्वरुप होने वाली घातक बीमारियाँ आपसे दूर रहे |



एक नए अध्ययन से पता चला है मलाई रहित दूध के नियमित सेवन से पार्किंसन बीमारी होने की संभावना काफी बढ़ जाती है |  हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अमेरिकी शोधकर्ताओं के द्वारा किये गए अध्ययन के अनुसार , कम वसा वाले  डेरी उत्पादों के नियमित सेवन और मस्तिष्क की सेहत या तंत्रिका सम्बन्धी स्थिति के बीच एक अहम् जुड़ाव है डेरी उत्पाद से उनका आशय दूध, दही, और पनीर से था |  शोधकर्ताओं ने ये अध्ययन 1.30 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण करके ये नतीजा निकाला |  ये आंकड़े इन लोगों के 25 साल तक की गयी निगरानी से जुटाए गए थे |  आंकड़ों ने दिखाया की जो लोग नियमित रूप से दिन में एक बार मलाई रहित या अर्ध मलाई रहित दूध पीते थे , उनमे पार्किंसन बीमारी होने की संभावना , उन लोगों के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा थी, जो लोग हफ्ते में एक बार से भी कम मलाई रहित दूध पीते थे |



 पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )आखिर है क्या – यह एक दिमागी बीमारी है इसमें व्यक्ति को कंपकंपी महसूस होती है साथ ही मांसपेशियों में कठोरता और धीमापन होने की शिकायत होती है | जानकारों कहते है कि यह दिमाग के हिस्से बेंसल गेंगिला में विकृति के चलते पैदा होती है और न्यूरोट्रांसमीटर डोपामीन में कमी के चलते पैदा होती है और आंकड़े बताते है कि दुनियाभर में 6.3 मिलियन लोग इस बीमारी से पीडित है और आपको बता दें वैसे तो यह बीमारी अमूमन 60 साल के बाद की उम्र में ही होती है और महिलाओं के मुकाबले पुरुषो को यह निशाना अधिक बनाती है वैसे मुझे नहीं लगता उम्र के मामले में चिंता करने जैसी कोई बात है क्योंकि समय के साथ मनुष्य की औसत उम्र लगातार कम होती ही जा रही है और इसका कारन है है हमारा आज का दूषित खानपान |



तो दोस्तों आप आज से ही मलाई वाला दूध पीना शुरू कर दीजिये, और अपनी सेहत का ख्याल रखिये |  इस तरह कम से कम पार्किंसन बीमारी से तो बचे रहेंगे | 



दूध और शहद का मिश्रण है सेहत के लिए जबरदस्त फायदेमंद